15 साल बाद रिंग में लौटने वाले बॉक्सर माइक टायसन ने इलेक्ट्रिक मसल स्टिम्युलेशन से बॉडी ट्रॉन्सफॉर्म की, इस बदलाव को 3 पॉइंट्स से समझें
पूर्व हैविवेट बॉक्सर माइक टायसन 15 साल बाद एक बार फिर रिंग में वापसी करने जा रहे हैं। मुकाबला 12 सितंबर को होगा, जिसवे वे टायसन जोन्स के साथ भिड़ेंगे। माइक के चर्चा में होने की एक वजह यह भी कि उन्होंने इलेक्ट्रिक मसल स्टिम्युलेशन के जरिए बॉडी ट्रॉन्सफॉर्म की है। इस पर 54 साल के माइक का कहना है कि इलेक्ट्रिक मसल स्टिम्युलेशन के बिना शरीर में यह बदलाव सम्भव नहीं हो पाता। मेरे जोड़ों की हालत खराब हो जाती। यहां से होने वाली कमाई चैरिटी में दी जाएगी।
इलेक्ट्रिक मसल स्टिम्युलेशन से जुड़ी 3 बातें
#1) यह मांसपेशियों को स्टिम्युलेट करता है
इलेक्ट्रिक मसल स्टिम्युलेशन को ईएमएस भी कहते हैं। मसल को स्टिम्युलेट करने का काम ईएमएस डिवाइस करती है। इस डिवाइस से जुड़े पैच शरीर के अलग-अलग हिस्से पर लगाए जाते हैं। इन पैच के जरिए इलेट्रिकल इम्पल्स की मदद से शरीर के मोटर न्यूरॉन्स को स्टीम्युलेट किया जाता है। स्टीम्युलेशन होने पर शरीर की मांसपेशियां में खिंचाव पैदा होता है। ये खिंचती हैं और सिकुडती हैं।
इस पूरी प्रकिया के दौरान शरीर को यह पता नहीं चलता कि ऐसा एक्सरसाइज के कारण हो रहा है कि मशीन के जरिए किया जा रहा है। शरीर को सिर्फ यह समझ आता है कि मांसपेशियां स्टिम्युलेट हो रही हैं।
#2) ईएमएस एथलीट की स्ट्रेंथ को बढ़ाती है
स्ट्रेंथ एंड कंडिशनिंग जर्नल में प्रकाशित रिसर्च के मुताबिक, ईएमएस एक एथलीट को अपनी परफॉर्मेंस वापस हासिल करने में मदद करता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, इसके जरिए एथलीट अपने स्ट्रेंथ को बढ़ा सकते हैं। इनके लिए इलेक्ट्रिक मसल स्टिम्युलेशन परंपरागत स्ट्रेंथ ट्रेनिंग का एक विकल्प जैसा है।
#3) शरीर की चर्बी घटाता है ईएमएस
2015 में कोरिया में हुए एक अध्ययन के मुताबिक, ईएमएस शरीर की चर्बी को घटाने में भी मदद करता है। रिसर्च में शामिल लोगों को 30 मिनट तक हाई फ्रीक्वेंसी करंट दिया गया। उनके पेट पर करंट रिलीज करने वाले इलेक्ट्रोड रखे गए। यह थैरेपी एक हफ्ते में तीन बार दी गई। 6 हफ्तों तक चली रिसर्च में सामने आया कि बिना एक्सरसाइज के कमर का साइज कम हुआ और शरीर में चर्बी घटी।
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