आईवीएफ तकनीक से अधिक दूध देने वाले बछड़े पैदा होंगे, सालभर में एक पशु से 25 से 30 बछड़े पैदा किए जा सकेंगे
टेस्ट ट्यूब बेबी के बाद अब देश में ‘टेस्ट ट्यूब बछड़ा’ प्रक्रिया की शुरुआत होगी। आईवीएफ तकनीक से बेहतरीन नस्ल और अधिक दूध देने वाले बछड़े पैदा किए जा सकेंगे। जाने-माने पशु वैज्ञानिक डॉ. श्याम झा ब्राजील से इसका प्रशिक्षण लेकर भारत आए हैं। इसकी शुरुआत बड़े स्तर पर केंद्र सरकार करेगी।
अधिक बछड़े पैदा किए जा सकेंगे
आईवीएफ की मदद से गायों पर सरोगेसी का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे देशभर में अधिक बछड़े पैदा किए जा सकते हैं। केंद्रीय पशु पालन और मत्स्य पालन मंत्री गिरिराज सिंह ने अपने आवास पर मोबाइल काफ एम्बियो ट्रांसफर एंड इन विट्रो फर्टिलाइजेशन लैब का प्रदर्शन किया।
एक दुधारू पशु से सालभर में 25 से 30 बछड़े पैदा किए जा सकेंगे
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, एक दुधारु पशु से एक बछड़ा साल में पैदा होता है लेकिन आईवीएफ तकनीक से साल में 25 से 30 बछड़े पैदा किए जा सकते हैं। केंद्र सरकार देश में पशु धन के क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए केंद्र सरकार उन्नत नस्ल सुधार कार्यक्रम चला रही है। इस अभियान के तहत पशु धन वैज्ञानिकों ने आईवीएफ तकनीक से टेस्ट ट्यूब बछड़ा तैयार करने में महारथ हासिल की है।
देशभर में 30 आईवीएफ लैब बनेंगी
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बताया, इस तकनीक का फायदा देश के पशुपालकों को मिलेगा। इसके लिए देशभर में 30 जगहों पर इस तरह की लैब स्थापित की जाएंगी। जे.के ट्रस्ट के निदेशक राजेश पटेल ने बताया कि बीते कई साल से वे आईवीएफ तकनीक पर काम कर रहे हैं। आईवीएफ से 15 माह में एक गाय से 100 बछड़े तक पैदा किए जा सकते हैं।
स्वदेशी गौ संवर्धन को मिल रहा है बढ़ावा
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के मुताबिक डॉ. श्याम झा को और उनके संगठन के द्वारा देश के दस से भी अधिक राज्यों में 43 से भी अधिक स्थानों पर दी जा रही आईवीएफ सेवाओं से न केवल देश में स्वदेशी गौ संवर्धन को गति मिलेगी बल्कि केंद्र सरकार के पशु नस्ल सुधार कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में सहयोग भी मिलेगा। यह कदम किसानों को आर्थिक तौर पर मजबूत बनाएगा।
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