क्या आपके पैरों में भी दर्द रहता है, कहीं इसकी वजह सपाट पैर तो नहीं; गलत आकार वाले जूते पहनने पर भी ऐसा होता है
कुछ लोगों के पैर के तलवों की बनावट सामान्य से अलग होती है, जिसे फ्लैट फुट यानी सपाट पैर कहते हैं। इसमें आर्च यानी तलवों में घुमाव होने के बजाय वे पूरी तरह समतल होते हैं। तलवे पूरी तरह से ज़मीन पर छूते हैं। इसके कारण पैरों पर भार वहन करने की क्षमता कम हो जाती है। जिन्हें सपाट पैर की समस्या होती है वे तेज़ भाग भी नहीं सकते।
कई बार पैरों में होने वाला दर्द सामान्य सा लगता है लेकिन इसकी वजह सपाट पैर होना भी हो सकता है। सपाट पैर में खेलते-कूदते या चलते समय चोट लगने का खतरा ज्यादा होता है। ऐसे लोगों को काफ़ी दर्द का सामना भी करना पड़ता है। मुम्बई के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप मोनूट से जानिए इससे कैसे निपटें....
ऐसे बनता है सपाट पैर
जन्म के समय बच्चों के पैरों के तलवे सपाट ही होते हैं। बच्चे के विकास के साथ-साथ ये ठीक हो जाता है। पर कई मामलों में यह सपाट ही रह जाता है। जब तलवों की मांसपेशियां कमज़ोर होती हैं, पैर की हड्डियों की रचनात्मक संरचना असामान्य होती है तब यह समस्या पैदा होती है। जब तलवों के जोड़ों का विकास ठीक से नहीं होता है तो इसे टॉर्सल कोएलिशन कहलाता है, जो सपाट पैर होने के कारणों में से एक है।
यदि पेरेंट्स या परिवार में यह समस्या है तो भी आगे आने वाली पीढ़ी में यह दिख सकती है। इसके अलावा न्यूरोलॉजिकल या मस्कुलर रोग जो मांसपेशियों या तंत्रिकाओं से जुड़े रोग हैं, वे भी इसके कारण हो सकते हैं। कुछ मामलों ग़लत शेप वाले जूते और चप्पलों का इस्तेमाल करना या नंगे पांव न चलना भी प्रमुख कारण हैं।
कैसे चुनें फुटवियर
कोई भी जूते पहनने से पहले डॉक्टर से सलाह लें। उनकी सलाह से अपने जूतों में आर्थोटिक डिवाइस लगाकर पहनें। इससे पैर आसानी से जूतों में फिट हो जाएंगे जिससे आपको चलने-दौड़ने में किसी तरह की समस्या नहीं आएगी। इसके अलावा ऐसे लोग क्रॉसओवर स्ट्रैप्स वाली चप्पल पहन सकते हैं। हालांकि सपाट पैर के लिए कुशन वाले जूते पहनना सबसे ज़्यादा फ़ायदेमंद होता है।
कब इलाज की ज़रूरत है?
पैर सपाट हैं लेकिन दर्द नहीं है, तो इलाज की जरूरत नहीं होती। पर जिन्हें अचानक ये तकलीफ़ शुरू हुई है या जिन्हें सपाट पैर होने के कारण तलवों व पैरों में दर्द या चलने में तकलीफ़ होती है, आर्च के लिए ख़ास जूते पहनने के बावजूद दर्द या तकलीफ़ होती है, तो इलाज की जरूरत होती है।

इन 2 एक्सरसाइज से मिलेगी राहत
- बॉल रोल- एक कुर्सी पर बैठ जाएं। पैरों को ज़मीन पर मज़बूती से टिकाएं। अब पैरों के नीचे गोल्फ़ या स्पंज वाली गेंद रखें। यह छोटी होनी चाहिए। अब इसे पैर के आर्च के नीचे रखकर आगे-पीछे घुमाएं। इसे क़रीब दो-तीन मिनट तक करें। इस व्यायाम को रोज़ाना नियमित रूप से करें।
- एड़ी में खिंचाव- दीवार या किसी भारी मेज़ के सहारे खड़े हो जाएं। अब पंजों पर खड़े होते हुए एड़ी को ऊपर की ओर उठाएं। तब तक खींचते हुए ऊपर उठाना है जब तक पैरों में खिंचाव महसूस न होने लगे। इस अवस्था में 1-2 सेकंड तक रहें।
इलाज न कराने पर क्या हो सकता है
तलवों का आकार सामान्य न होने के कारण दिक़्क़त होना स्वाभाविक है। इसमें पैरों में थकान महसूस होती है। ऐसे बच्चे लगातार चल नहीं पाते। इनके लिए दौड़ने, कूदने जैसी गतिविधियां मुश्किल होती हैं। पैरों में हमेशा दर्द बना रहता है। पहले ये दर्द सिर्फ़ पैरों में होता है, जो धीरे-धीरे टांगों, घुटनों, पीठ के निचले हिस्से, कूल्हे, पीठ तक पहुंच सकता है।
वयस्कों में अचानक होता है
कई दफ़ा वयस्कों में भी सपाट पैर की समस्या देखी गई है। यह आमतौर पर उन लोगों में ज़्यादा देखी गई है जिनका वज़न अधिक है या जिन्हें मधुमेह है। गर्भवस्था में भी यह समस्या होना सामान्य है। हालांकि उम्र बढ़ने के साथ-साथ भी ये परेशानी बढ़ सकती है। इसके अलावा चोट लगने या हॉर्मोन में बदलाव के कारण भी ऐसा हो सकता है। ऐसे मामलों में आर्थोपेडिक सर्जन की सलाह लेना उचित होगा।
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