एम्स्टरडम में मूत्रालय का काम करने वाले गमले लगाए गए, यहां से यूरिन निकालकर पौधों के लिए खाद बनाई जा रही और सड़कों को साफ करने का लक्ष्य रखा
एम्स्टरडम में शहरों को स्वच्छ रखने के लिए अनोखी पहल शुरू की गई है। यहां के रेड लाइट डिस्ट्रिक्ट और दो इलाकों में मूत्रालय की तरह काम करने वाले गमले लगाए गए हैं। इन मूत्रालयों का नाम ग्रीन-पी रखा गया है। प्रशासन की कोशिश है कि शहर के अलग-अलग हिस्सों में इसे लगाने के बाद पर्यटक और स्थानीय लोग सड़कों को यूरिन नहीं रिलीज करेंगे।

प्रशासन ने गिनाए फायदे
स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, शहर के 12 ऐसे हिस्सों में ग्रीन-पी मूत्रालय लगाया गया है, जहां टूरिस्ट सबसे ज्यादा पहुंचते हैं। ये दो तरह से काम करेगा। पहला उन्हें यूरिन रिलीज करने के लिए एक जगह मिलेगी और दूसरा शहर स्वच्छ रहेगा।

यूरिन से बनेगा पौधों के लिए फर्टिलाइजर
फर्टिलाइज़र बनाने के लिए प्रोसेसिंग और फॉस्फेट निकालने का काम इन मूत्रालयों से किया जा रहा है। इनमें लगातार यूरिन एकत्रित होती है। समय-समय पर इनमें कंटेनर से यूरिन को निकाला जाता है और फॉस्फेट अलग किया जाता है।

सुरक्षित रहेंगी ऐतिहासिक धरोहरें
इस मूत्रालय को विकसित करने वाले रिचर्ड डी व्रीज का कहना है कि इन मूत्रालयों से किसी तरह की बदबू नहीं आती। अक्सर लोग सड़कों के किनारे यूरिन रिलीज करते हैं जिससे शहर की ऐतिहासिक इमारते डैमेज हो सकती हैं। यूरिन उन्हें गंदा करती है और संक्रमण को बढ़ावा मिलता है।

44 लाख रुपए का बजट आवंटित किया
एम्सटर्डम काउंसिल ने शहरों की सफाई के लिए यह पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। शहरों में ग्रीन-पी लगाने के लिए 44 लाख रुपए का बजट आवंटित किया है। फ्रांस के शहरों में भी लॉकडाउन के दौरान ऐसे ही आउटडोर यूरिनल लगाए गए।
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